‘VB-G RAM G’ को लेकर भ्रम फैला रहा विपक्ष- शिवराज सिंह चौहान

नई ग्रामीण रोजगार योजना पर सियासी घमासान, केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक सशक्त बनाएगी- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रस्तावित नई ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष ‘VB-G RAM G’ (विकसित भारत–रोजगार आजीविका मिशन) को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक सशक्त बनाएगी।

देश की हर पंचायत में लागू होगी योजना

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष यह गलत धारणा फैला रहा है कि नई योजना के तहत रोजगार सीमित पंचायतों तक ही रहेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि ‘VB-G RAM G’ योजना देश की सभी पंचायतों में लागू की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि काम के अधिकार को खत्म किए जाने का दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने मनरेगा को समाप्त किए जाने के विरोध में 10 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत 45 दिन का देशव्यापी अभियान शुरू किया है।

रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी का दावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर काम के अधिकार को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, काम न मिलने की स्थिति में 15 दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है।

राज्यों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा

शिवराज सिंह चौहान ने यूपीए और मौजूदा सरकार की तुलना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने मनरेगा पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने ग्रामीण रोजगार पर करीब नौ लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि नई योजना को अगले छह महीनों में लागू किया जाएगा और तब तक मनरेगा जारी रहेगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना से राज्यों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार पहले से अधिक संसाधन उपलब्ध करा रही है, जबकि राज्यों का निवेश ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगा।