हैदराबाद – भारतीय मनोरंजन जगत को चौंकाते हुए, “रिलेटेबल कॉमेडी” के बेताज बादशाह जाकिर खान ने स्टैंड-अप कॉमेडी से पांच साल के लंबे ब्रेक की घोषणा की है। हैदराबाद में अपने वैश्विक स्तर पर प्रशंसित ‘पापा यार’ (Papa Yaar) टूर के दौरान, 38 वर्षीय कॉमेडियन ने एक भावुक विदाई भाषण दिया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि वह 2030 तक मंच पर वापस नहीं लौटेंगे।
हैदराबाद के इस शो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने लाखों प्रशंसकों और कलाकारों को झकझोर कर रख दिया है। “सख्त लौंडा” की अपनी छवि के लिए मशहूर जाकिर द्वारा अपनी शारीरिक और मानसिक थकान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना, भारतीय स्टैंड-अप उद्योग के लिए एक बड़ी घटना माना जा रहा है।
हैदराबाद में एक भावुक विदाई
18 जनवरी, 2026 को एक भरे हुए ऑडिटोरियम को संबोधित करते हुए, जाकिर ने अपनी हास्यपूर्ण शैली को छोड़ते हुए एक गंभीर बात कही। उन्होंने कहा, “मैं एक बहुत लंबे ब्रेक पर जा रहा हूँ। शायद 2028, 2029 या 2030 तक।”
बेहद भावुक होकर खान ने बताया कि यह निर्णय उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता के कारण लिया गया है। उन्होंने कहा, “यह तीन, चार या पांच साल का ब्रेक होगा ताकि मैं अपनी सेहत का ख्याल रख सकूँ और कुछ अन्य चीजों को ठीक कर सकूँ। आज रात यहाँ मौजूद हर व्यक्ति मेरे दिल के बहुत करीब है। आपका यहाँ होना मेरे लिए उससे कहीं अधिक मायने रखता है जितना आप कल्पना कर सकते हैं।”
बर्नआउट का विज्ञान: दूसरों को हंसाने की भारी कीमत
प्रशंसक भले ही दुखी हों, लेकिन यह निर्णय स्थायी स्वास्थ्य हानि को रोकने के लिए लिया गया एक आवश्यक कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक शीर्ष स्तर के कलाकार की जीवनशैली—जिसमें नींद की कमी, समय क्षेत्रों में लगातार उड़ानें और हर समय “फनी” बने रहने का दबाव शामिल है—गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।
जीवनशैली स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अरुणा बरुआ के अनुसार, “उपलब्धियां हासिल करने की अंधी दौड़ अक्सर शारीरिक तनाव को छिपा लेती है। जाकिर जैसे कलाकार के लिए, जिन्होंने एक साल से अधिक समय तक इन संकेतों को नजरअंदाज किया, यह ब्रेक अब एक मेडिकल आवश्यकता बन गया है।”
जाकिर ने सितंबर 2025 में भी अपनी बिगड़ती स्थिति के बारे में बताया था, यह स्वीकार करते हुए कि वह “एक साल से बीमार” थे लेकिन काम के प्रति अपनी जिम्मेदारी के कारण प्रदर्शन करते रहे। दिन में दो-तीन शो करने और लगातार यात्रा के अकेलेपन ने अंततः उनकी सेहत पर गहरा असर डाला।
पृष्ठभूमि: एक सांस्कृतिक प्रतीक का उदय
जाकिर खान का सफर भारतीय स्टैंड-अप सीन के विस्तार का गवाह रहा है।
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2012: ‘कॉमेडी सेंट्रल’ की प्रतियोगिता जीतकर पहचान बनाई।
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“सख्त लौंडा” युग: छोटे शहरों की कहानियों, उर्दू शायरी और भावनात्मक गहराई के साथ एक अनूठी शैली विकसित की।
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वैश्विक कीर्तिमान: 2025 में न्यूयॉर्क के ‘मैडिसन स्क्वायर गार्डन’ में हिंदी भाषा का शो करने वाले पहले भारतीय बने।
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डिजिटल सफलता: हक से सिंगल, कक्षा ग्यारहवीं, तथास्तु और मनपसंद जैसे हिट स्पेशल दिए।
उनकी अनुपस्थिति उद्योग में एक बड़ा शून्य पैदा करेगी, खासकर इसलिए क्योंकि वे उन चंद कलाकारों में से थे जिन्होंने शहरी और ग्रामीण दर्शकों के बीच की दूरी को पाटा।
20 जून तक का सफर: मौन से पहले का जश्न
जाकिर ने इंस्टाग्राम पर स्पष्ट किया है कि उनका टूर 20 जून, 2026 तक चलेगा, लेकिन बहुत ही सीमित शहरों में। उन्होंने प्रशंसकों से अनुरोध किया है कि वे इन बचे हुए शो का हिस्सा बनें।
उन्होंने लिखा, “20 जून तक हर शो एक जश्न है। मैं इस बार बहुत सारे शहरों में नहीं आ पाऊंगा, इसलिए आप थोड़ा कष्ट उठाएं और शो में आएं।” अपने अंतिम स्पेशल ‘पापा यार’ की रिकॉर्डिंग के बाद, जाकिर पूरी तरह से लाइमलाइट से दूर होकर अपनी रिकवरी पर ध्यान केंद्रित करेंगे।